About the Conference
इस समारोह के माध्यम से भारतीय संस्कृति और योग-दर्शन के प्रति गहन समझ एवं जागरूकता में वृद्धि होगी। महर्षि पतंजलि के सिद्धांतों तथा योगसूत्र की शिक्षाओं को व्यावहारिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिलेगी, जिससे प्रतिभागियों में शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा। साथ ही संस्कृत, योग और भारतीय दर्शन के क्षेत्र में नवीन शोध एवं शैक्षणिक संवाद को प्रोत्साहन भी मिलेगा तथा विद्वानों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के बीच सहयोग एवं नेटवर्किंग सुदृढ़ होगी। यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण को बल प्रदान करते हुए युवा पीढ़ी में अपनी परंपरा के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना का विकास करेगा तथा समाज में नैतिकता, अनुशासन और सांस्कृतिक एकता को सशक्त बनाएगा।